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3,000 किलोमीटर का संघर्ष, विश्वास की जीत*

बौड़िया जन-जन सेवा फाउंडेशन की पहल से मिजोरम में मृत श्रमिक के परिवार को मिला ₹1.50 लाख का मुआवजा*

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दुमका :जामा प्रखंड अंतर्गत कन्हाई पाड़ा, जिला दुमका निवासी संतोष मांझी का देहांत कुछ समय पूर्व मिजोरम में कार्य के दौरान हो गया था। परदेस में हुई इस दुखद घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। सीमित संसाधन, दूर-दराज़ का इलाका और जटिल कागजी प्रक्रिया परिवार के लिए असहनीय चुनौती बन गई थी।
ऐसे कठिन समय में बौड़िया जन-जन सेवा फाउंडेशन पीड़ित परिवार के लिए आशा की किरण बनकर सामने आया।
🕊️ पार्थिव शरीर से लेकर न्याय तक की लड़ाई
फाउंडेशन के प्रयास से सबसे पहले मृतक संतोष मांझी का पार्थिव शरीर मिजोरम से उनके पैतृक आवास तक सम्मानपूर्वक पहुँचाया गया। इसके बाद फाउंडेशन ने श्रम विभाग से मिलने वाली मुआवजा राशि दिलाने के लिए पूरी कानूनी प्रक्रिया शुरू की।
🚴‍♂️ 3,000 किलोमीटर की सेवा यात्रा
फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष किशोर भाई एवं सक्रिय सदस्य ब्रह्म देव दरवे ने इस मामले को स्वयं संभालते हुए मोटरसाइकिल से लगभग 3,000 किलोमीटर की दूरी तय की। बारिश और तमाम कठिनाइयों के बावजूद दोनों ने सभी आवश्यक दस्तावेज़ एकत्र कर श्रम विभाग की प्रक्रिया पूरी कराई, ताकि मृतक की पत्नी अनचनिया देवी को उनका अधिकार मिल सके।
💰 संयम का फल: ₹1.50 लाख की सहायता
परिवार ने पूरे संघर्ष के दौरान संयम नहीं खोया और फाउंडेशन पर पूरा भरोसा बनाए रखा। अंततः यह विश्वास रंग लाया और श्रम विभाग द्वारा अनचनिया देवी को ₹1,50,000 (एक लाख पचास हजार रुपये) की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की गई। इस पूरी प्रक्रिया में बौड़िया जन-जन सेवा फाउंडेशन की भूमिका निर्णायक और सराहनीय रही।
💬 नेतृत्व के संदेश
राष्ट्रीय अध्यक्ष किशोर भाई ने कहा—
“किसी भी श्रमिक परिवार को न्याय के लिए अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। दूरी, मौसम और मुश्किलें हमारे सेवा संकल्प को नहीं रोक सकतीं। जब तक पीड़ित परिवार को उसका हक नहीं मिल जाता, फाउंडेशन साथ खड़ा रहता है।”
दुमका जिला अध्यक्ष निर्मल शाह ने कहा—
“यह सहायता केवल आर्थिक नहीं, बल्कि परिवार के आत्मसम्मान की रक्षा है। सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंद तक पहुँचे—यही हमारा लक्ष्य है।”
सक्रिय सदस्य ब्रह्म देव दरवे ने कहा—
“यह यात्रा कठिन थी, लेकिन परिवार की उम्मीद ने हमें आगे बढ़ाया। मुआवजा मिलने के बाद ही हमारी सेवा पूर्ण हुई।”
📢 फाउंडेशन का संदेश
बौड़िया जन-जन सेवा फाउंडेशन समाज के सभी प्रवासी श्रमिकों और उनके परिवारों से अपील करता है कि संकट की घड़ी में संयम रखें, कानूनी प्रक्रिया पर भरोसा रखें और सही मंच से मदद लें। न्याय कठिन हो सकता है, असंभव नहीं।
🙏 यह घटना बताती है कि सेवा, विश्वास और निरंतर प्रयास से सबसे असहाय परिवार को भी उसका अधिकार मिल सकता है।
– सेवा ही हमारा धर्म, मानवता ही हमारा कर्म

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